
किस रावण की भुजा उखाडूँ...
किस लंका को आग लगाऊँ।
घर घर रावण, घर घर लंका...
इतने राम कहां से लाऊँ।।
विजयदशमी की शुभकामनाएं
National Media Excellence Award Winner-2008
बेपनाह मौहब्बत की अनमोल निशानी ताजमहल की वजह से आगरा शहर पूरी दुनिया मे जाना जाता है। ताजमहल की खूबसूरती इस शहर के लिये वरदान है। लेकिन आगरा मे एक ओर चीज़ है जिसकी मिठास यहां आने वालों को लबरेज़ कर देती है, वो है यहां का पेठा। यूँ तो पेठा महाराष्ट्र, चैन्नई और राजस्थान के कई शहरों मे भी बनता है। लेकिन आगरा का पेठा भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया में अपने स्वाद के लिये जाना जाता है। आगरा मे बनने वाले पेठे की इतनी किस्में है कि खाने वाले के लिये ये तय करना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा पेठा लिया जाये।
The 797th urs (Death Anniversary) of Hazrat Khwaja Moinuddin Hasan Chishty (R.A) known as Gharib Nawaz (R.A) will be held from 1st to 6th RAZAB corresponding to :- 25th to 30th of june 2009 (depending upon the visibility of Moon). Inspired by the spiritual command of the PROPHET MOHAMMAD (S.A.W), Huzoor Khwaja Gharib Nawaz (R.A) became the harbinger of peace and prosperity not only in India but in the whole world and people use to attend the shrine of Gharib Nawaz (R.A) with their heartfelt desire and cherished wishes and return used to go brimful with fruition of their inner aspiration.
बेपनाह मौहब्बत की निशानी ताजमहल का हुस्न फीका पड़ता जा रहा है। पिछले कई सालों से इतिहासकार और विशेषज्ञ इस बात को लेकर चिन्ता जता रहे हैं कि ताजमहल की सफेद रंगत को प्रदूषण से भारी नुकसान हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह वायु प्रदूषण है। भारत सरकार और सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमैटी ने भी इस बात पर चिन्ता ज़ाहिर की है लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेषण (एएसआई) और आगरा का जिला प्रशासन इस तरफ से आंखे बन्द किये बैठा है। रही बात आगरा विकास प्राधिकरण की तो उनके लिये ताजमहल सिर्फ सोने के अण्डे देने वाली मुर्गी है। प्राधिकरण को पथकर के नाम पर होने वाली कमाई से मतलब है ताज के संरक्षण से नही।
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