आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाऐं। आईये इस होली पर हम सब हिन्दुस्तानी मिलकर भाईचारे और सौहार्द का एक ऐसा रंग तैयार करें जो आतंकवाद रुपी दाग़ पर इस तरह से चढे कि वो दाग हमारे देश की सरज़मी से हमेशा के लिये मिट जाये। एक बार फिर कलम के सभी सिपाहियों को होली की मुबारकबाद... आपका.. परेवज़ सागर
मेरे सरकश तराने सुन के दुनिया ये समझती है कि शायद मेरे दिल को इश्क़ के नग़मों से नफ़रत है, मुझे हंगामा-ए-जंग-ओ-जदल में कैफ़ मिलता है मेरी फ़ितरत को खूं-रेज़ी के अफ़सानों से रग़बत है, मेरी दुनिया में कुछ वक़त नहीं है रक़्स-ओ-नग़मे की मेरे महबूब नग़मा शोर-ए-आहंग-ए-बग़ावत है।
तुम तकल्लुफ को भी इखलास समझते हो फ़राज़, दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला। ------------------------------------- कोई काँटा चुभा नहीं होता अगर फूल सा नहीं होता, कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी यूँ ही कोई बेवफ़ा नहीं होता। ------------------------------------- ख़ुदा हम को ऐसी ख़ुदाई न दे कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे, ख़तावार समझेगी दुनिया तुझे अब इतनी भी ज़्यादा सफ़ाई न दे।
मौहब्बत की अनमोल निशानी ताजमहल..... एक शंहशाह की प्यार की निशानी ताजमहल..... जो हर पल याद दिलाता है मौहब्बत के उस जज़्बे की जिसकी खातिर शाहजंहा ने दुनिया को ताजमहल की शक्ल मे एक शाहकार दिया। पूरी दुनिया मे ताज को मौहब्बत की मिसाल माना जाता है। लेकिन कोई सोच भी नही सकता कि आज ताजमहल की वजह से कई हजार लोग परेशान हो रहें हैं।दरअसल, ताजगंज के आस-पास इस परेशानी का आगाज़ रात मे ताज को खोले जाने से शुरु हुआ। ताजमहल को रात मे खोले जाने के लिये तीन साल पहले प्रशासन ने कड़ी मशक्कत की। नतीजन सुप्रीम कोर्ट ने कुछ कड़ी शर्तों के साथ ताज को रात मे खोले जाने की इजाज़त दे दी। आगरा पुलिस और प्रशासन के लिये भी ये किसी चुनौती से कम नही है। सुप्रीम कोर्ट ने सबसे अहम शर्त सुरक्षा को लेकर रखी थी। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और ताज की आन्तरिक सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाली सीआईएसएफ ने इसका खाका तैयार किया। इस योजना के तहत रात के वक्त ताज खुलने पर पूर्वी गेट से दशहरा घाट और प्रचीन मन्दिर को तरफ जाने वाले रास्ते को चार घण्टे के लिये पूर्वी तरह से बन्द किये जाना शामिल है। ताज के पूर्वी गेट के पार रहने वालों के लिये हर माह रात मे पांच दिन ताज खुलना बड़ी परेशानी का सबब बन गया। जब इस योजना पर अमल शुरु किया गया तो उन चार घण्टो के दौरान दशहराघाट प्राचीन मन्दिर, हजरत अहमद बुखारी की दरगाह, अहमद बुखारी कब्रिस्तान, राजीव नगर, वासुदेव कॉलोनी, फोरेस्ट कॉलोनी, जालमा कुष्ठ आश्रम के अलावा ग्राम नगला पैमा, गढी बंगज और नगला कल्फी का आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से बन्द होने लगा है। इन जगहो पर रहने वालों की तादाद लगभग पन्द्रह हजार है। रास्ता बन्द किये जाने से ये लोग एक बन्धक की तरह हो जाते हैं। इन इलाकों मे जाने के लिये कोई और वैकल्पिक मार्ग भी नही है। इस परेशानी को लेकर कई बार प्रभावित लोगों ने आवाज़ उठाई लेकिन कोई नतीजा नही निकला।पिछले तीन सालों मे आगरा की पर्यटन विकास समिति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस परेशानी को लेकर आवाज़ बुलन्द की पर हर बार सिवाय आश्वासनों के उन्हे कुछ नही मिला। समिति के अध्यक्ष एंव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैय्यद इब्राहिम जै़दी कहते है कि उन्होने पहले दिन से ही इस मामले को लेकर अधिकारियों से बात की थी। तब भी उन्हे केवल आश्वसन मिला था और आज भी हालात जैसे के तैसे है। इस समस्या के चलते कई बार हालात बड़े संगीन हो जाते है। सुरक्षा कारणों से ना तो फोर व्हीलर और ना ही टू व्हीलर इस इलाके मे नही जा सकते। यहां तक कि रिक्शा, साईकिल और पैदल व्यक्ति भी उस चार घण्टे के दौरान वहां से नही जा सकते। जैदी के नेतृत्व मे पूर्वी गेट मार्ग की जगह एक वैकल्पिक मार्ग बनाये जाने की मांग भी लम्बे समय से की जा रही है। जै़दी के मुताबिक दिन मे भी बिना पास के कोई वाहन इस रास्ते से नही गुज़र सकता। यही नही बल्कि स्कूल रिक्शा, पानी के टैंकर, दूध सप्लाई वाले वाहन या ज़रुरत की सामान ले जाने वाले अन्य वाहन भी इस इलाके मे नही आ-जा सकते। जिस वजह से कई तरह की दिक्कतें पेश आती हैं। ताजगंज निवासी रामप्रकाश बघेल के मुताबिक उस चार घण्टे के दौरान और कई बार दिन मे भी चिकित्सा सुविधा से वंचित रह जाने के कारण कई लोग मौत के मुंह मे भी जा चुके हैं। लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नही रेंगती।रात मे ताज के दिदार करने वालों की संख्या अब केवल नाम मात्र की रह गयी है लेकिन इन्तज़ाम चार घण्टे के लिये ही किये जाते है। सैकंड़ो पुलिसकर्मी इस दौरान शिल्पग्राम से लेकर ताज के पूर्वी गेट तक तैनात किये जाते हैं। सुरक्षा का आलम ये होता है कि परिन्दा भी पर ना मार सके। लेकिन इस बीच पूर्वीगेट के पार रहने वाले लोग चाहें लुटे या मरे लेकिन वो इस रास्ते से पार नही जा सकते। दशहरा घाट प्राचीन मन्दिर के पुजारी बताते हैं कि कई बार तो ऐसा होता है कि इस पार के लोग अन्तिम संस्कार के लिये शव लेकर जा रहे है लेकिन रास्ता बन्द होने की वजह से उन्हे घण्टो इन्तज़ार करना पड़ता है। उनके मुताबिक आगरा प्रशासन ने बिना सोचे समझे ये रास्ता बन्द किये जाने की योजना बना ड़ाली। जिसका खामियाज़ा हम लोग भुगत रहे हैं।आगरा प्रशासन के अधिकारी पूछे जाने पर बताते हैं कि इस समस्या पर विचार कर योजना बनाई जा रही है। जिसके तहत जल्द ही एक वैकल्पिक मार्ग बनाया जायेगा जो इन लोगों की परेशानी को दूर करेगा। इस मार्ग को बनाये जाने का प्रस्ताव पास तो हो गया है लेकिन ये मार्ग कब बनेगा इसका जवाब फिलहाल इन अधिकारियों के पास नही है। यहां के जनप्रतिनिधियों के पास भी इस मामले को लेकर कोई खास जवाब नही है। स्थानीय विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो हर बार परेशान लोगों को जल्द ही रास्ता बना लिये जाने का आश्वासन दे रहे हैं। पर रास्ता बनना कब शुरु होगा ये उन्हे भी नही पता। पिछले तीन साल ये मामला लगातार सुर्खीयों मे रहा है लेकिन इस परेशानी से दो-चार हो रहे लगभग पन्द्रह हज़ार लोग अभी तक उस राह की बाट जोह रहे है जो उनको नया रास्ता दिखायेगी।
सभी साथियों का अभिवादन..... आज के ज़माने मे अगर कुछ लोग आपको अच्छा कहने लगे तो कुछ लोग ऐसे भी होते है जिन्हे आपका अच्छा होना पसन्द नही आता। पता नही ऐसा क्यों होता है जबकि ना तो उन सर फिरे लोगों से आपका झगड़ा होता है और ना ही किसी से दुश्मनी। जब कोई इस तरह से आपको परेशान करने लगे या आपकी आलोचना करने लगे तो इसका क्या मतलब हो सकता है। इस तरह के लोग आपको परेशान करने या आपके नाम खराब करने मे भी कोई कसर नही छोड़ना चाहते। अफसोस होता है ऐसे लोगों की मानसिकता पर। आप सभी को बताना चाहता हूँ कि मैं भी कुछ इसी तरह की परेशानियों से दो-चार हो रहा हूँ आजकल। इसलिये आपको बताना ज़रुरी समझा। कोई पिछले कुछ समय से मेरे नाम की एक फर्ज़ी ईमेल आईड़ी बनाकर लोगों को उल्टे सीधे मेल और स्क्रेप कर रहा है। मेरे कई साथियों ने मुझे फोन पर इस बात की शिकायत की और मेल भी आये। ये फर्ज़ी ईमेल आईड़ी आपको बताना भी ज़रुरी है जो कि "parvezsagars@gmail.com" है। मेरा आप सभी साथियों से निवेदन है कि अगर इस आईड़ी से आप लोगों को कोई मेल या स्क्रेप आये तो प्लीज़ मुझे ज़रुर बता दें। इस सम्बन्ध मे मैने दिल्ली और यू.पी. साइबर क्राइम सैल मे मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरु कर दी है। पुलिस के मुताबिक जिस सिस्टम से ये काम किया गया है वो नोयड़ा मे इस्तेमाल हो रहा है। बहारहाल आप सभी से सहयोग की अपील है और अनुरोध है कि इस तरह का काम करने वालों को सबक ज़रुर सिखाया जाये। उम्मीद है आप सभी लोग इस पर ध्यान देगें। आपका... परवेज़ सागर
I have been inclined towards theatre since time I was in school. In year 1995 I joined Indian People’s Theatre Association “IPTA” and started learning the technicalities of theatre. Have always been more attached to music than acting or other aspects of theatre. In many plays, apart from acting, I also directed the music and led the singing part of it.
In year 1997 commenced my journalism career after getting associated with a national daily and after the completion of my graduation, got involved with journalism thoroughly. After working with print media for a long span of approximately 5 years, I have joined Television Media with ETV. I was the part of Sahara Samay UP in December 2002. After this I have served for India’s best news channel Aaj Tak for 4.5 years. I worked with CNEB,CNN, Zee News Mahuaa News and Bhaskar. Currently I am associated with India Today Group / Aaj Tak as Assistant Editor. I have learned a lot in my tenure of about 17 years in News world but there is always a lot to learn which I will continue to learn for the rest of my life… as everyone does.