
Wednesday, December 31, 2008
Thursday, December 25, 2008
Monday, September 8, 2008
जायें तो जायें कहां..... चार घण्टे के बन्धक
मौहब्बत की अनमोल निशानी ताजमहल..... एक शंहशाह की प्यार की निशानी ताजमहल..... जो हर पल याद दिलाता है मौहब्बत के उस जज़्बे की जिसकी खातिर शाहजंहा ने दुनिया को ताजमहल की शक्ल मे एक शाहकार दिया। पूरी दुनिया मे ताज को मौहब्बत की मिसाल माना जाता है। लेकिन कोई सोच भी नही सकता कि आज ताजमहल की वजह से कई हजार लोग परेशान हो रहें हैं।दरअसल, ताजगंज के आस-पास इस परेशानी का आगाज़ रात मे ताज को खोले जाने से शुरु हुआ। ताजमहल को रात मे खोले जाने के लिये तीन साल पहले प्रशासन ने कड़ी मशक्कत की। नतीजन सुप्रीम कोर्ट ने कुछ कड़ी शर्तों के साथ ताज को रात मे खोले जाने की इजाज़त दे दी। आगरा पुलिस और प्रशासन के लिये भी ये किसी चुनौती से कम नही है। सुप्रीम कोर्ट ने सबसे अहम शर्त सुरक्षा को लेकर रखी थी। स्थानीय पुलिस, प्रशासन और ताज की आन्तरिक सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाली सीआईएसएफ ने इसका खाका तैयार किया। इस योजना के तहत रात के वक्त ताज खुलने पर पूर्वी गेट से दशहरा घाट और प्रचीन मन्दिर को तरफ जाने वाले रास्ते को चार घण्टे के लिये पूर्वी तरह से बन्द किये जाना शामिल है। ताज के पूर्वी गेट के पार रहने वालों के लिये हर माह रात मे पांच दिन ताज खुलना बड़ी परेशानी का सबब बन गया। जब इस योजना पर अमल शुरु किया गया तो उन चार घण्टो के दौरान दशहराघाट प्राचीन मन्दिर, हजरत अहमद बुखारी की दरगाह, अहमद बुखारी कब्रिस्तान, राजीव नगर, वासुदेव कॉलोनी, फोरेस्ट कॉलोनी, जालमा कुष्ठ आश्रम के अलावा ग्राम नगला पैमा, गढी बंगज और नगला कल्फी का आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से बन्द होने लगा है। इन जगहो पर रहने वालों की तादाद लगभग पन्द्रह हजार है। रास्ता बन्द किये जाने से ये लोग एक बन्धक की तरह हो जाते हैं। इन इलाकों मे जाने के लिये कोई और वैकल्पिक मार्ग भी नही है। इस परेशानी को लेकर कई बार प्रभावित लोगों ने आवाज़ उठाई लेकिन कोई नतीजा नही निकला।पिछले तीन सालों मे आगरा की पर्यटन विकास समिति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस परेशानी को लेकर आवाज़ बुलन्द की पर हर बार सिवाय आश्वासनों के उन्हे कुछ नही मिला। समिति के अध्यक्ष एंव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैय्यद इब्राहिम जै़दी कहते है कि उन्होने पहले दिन से ही इस मामले को लेकर अधिकारियों से बात की थी। तब भी उन्हे केवल आश्वसन मिला था और आज भी हालात जैसे के तैसे है। इस समस्या के चलते कई बार हालात बड़े संगीन हो जाते है। सुरक्षा कारणों से ना तो फोर व्हीलर और ना ही टू व्हीलर इस इलाके मे नही जा सकते। यहां तक कि रिक्शा, साईकिल और पैदल व्यक्ति भी उस चार घण्टे के दौरान वहां से नही जा सकते। जैदी के नेतृत्व मे पूर्वी गेट मार्ग की जगह एक वैकल्पिक मार्ग बनाये जाने की मांग भी लम्बे समय से की जा रही है। जै़दी के मुताबिक दिन मे भी बिना पास के कोई वाहन इस रास्ते से नही गुज़र सकता। यही नही बल्कि स्कूल रिक्शा, पानी के टैंकर, दूध सप्लाई वाले वाहन या ज़रुरत की सामान ले जाने वाले अन्य वाहन भी इस इलाके मे नही आ-जा सकते। जिस वजह से कई तरह की दिक्कतें पेश आती हैं। ताजगंज निवासी रामप्रकाश बघेल के मुताबिक उस चार घण्टे के दौरान और कई बार दिन मे भी चिकित्सा सुविधा से वंचित रह जाने के कारण कई लोग मौत के मुंह मे भी जा चुके हैं। लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नही रेंगती।रात मे ताज के दिदार करने वालों की संख्या अब केवल नाम मात्र की रह गयी है लेकिन इन्तज़ाम चार घण्टे के लिये ही किये जाते है। सैकंड़ो पुलिसकर्मी इस दौरान शिल्पग्राम से लेकर ताज के पूर्वी गेट तक तैनात किये जाते हैं। सुरक्षा का आलम ये होता है कि परिन्दा भी पर ना मार सके। लेकिन इस बीच पूर्वीगेट के पार रहने वाले लोग चाहें लुटे या मरे लेकिन वो इस रास्ते से पार नही जा सकते। दशहरा घाट प्राचीन मन्दिर के पुजारी बताते हैं कि कई बार तो ऐसा होता है कि इस पार के लोग अन्तिम संस्कार के लिये शव लेकर जा रहे है लेकिन रास्ता बन्द होने की वजह से उन्हे घण्टो इन्तज़ार करना पड़ता है। उनके मुताबिक आगरा प्रशासन ने बिना सोचे समझे ये रास्ता बन्द किये जाने की योजना बना ड़ाली। जिसका खामियाज़ा हम लोग भुगत रहे हैं।आगरा प्रशासन के अधिकारी पूछे जाने पर बताते हैं कि इस समस्या पर विचार कर योजना बनाई जा रही है। जिसके तहत जल्द ही एक वैकल्पिक मार्ग बनाया जायेगा जो इन लोगों की परेशानी को दूर करेगा। इस मार्ग को बनाये जाने का प्रस्ताव पास तो हो गया है लेकिन ये मार्ग कब बनेगा इसका जवाब फिलहाल इन अधिकारियों के पास नही है। यहां के जनप्रतिनिधियों के पास भी इस मामले को लेकर कोई खास जवाब नही है। स्थानीय विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो हर बार परेशान लोगों को जल्द ही रास्ता बना लिये जाने का आश्वासन दे रहे हैं। पर रास्ता बनना कब शुरु होगा ये उन्हे भी नही पता। पिछले तीन साल ये मामला लगातार सुर्खीयों मे रहा है लेकिन इस परेशानी से दो-चार हो रहे लगभग पन्द्रह हज़ार लोग अभी तक उस राह की बाट जोह रहे है जो उनको नया रास्ता दिखायेगी।
Sunday, June 8, 2008
सावधान... ज़रा ध्यान दें।

आज के ज़माने मे अगर कुछ लोग आपको अच्छा कहने लगे तो कुछ लोग ऐसे भी होते है जिन्हे आपका अच्छा होना पसन्द नही आता। पता नही ऐसा क्यों होता है जबकि ना तो उन सर फिरे लोगों से आपका झगड़ा होता है और ना ही किसी से दुश्मनी। जब कोई इस तरह से आपको परेशान करने लगे या आपकी आलोचना करने लगे तो इसका क्या मतलब हो सकता है। इस तरह के लोग आपको परेशान करने या आपके नाम खराब करने मे भी कोई कसर नही छोड़ना चाहते। अफसोस होता है ऐसे लोगों की मानसिकता पर। आप सभी को बताना चाहता हूँ कि मैं भी कुछ इसी तरह की परेशानियों से दो-चार हो रहा हूँ आजकल। इसलिये आपको बताना ज़रुरी समझा। कोई पिछले कुछ समय से मेरे नाम की एक फर्ज़ी ईमेल आईड़ी बनाकर लोगों को उल्टे सीधे मेल और स्क्रेप कर रहा है। मेरे कई साथियों ने मुझे फोन पर इस बात की शिकायत की और मेल भी आये। ये फर्ज़ी ईमेल आईड़ी आपको बताना भी ज़रुरी है जो कि "parvezsagars@gmail.com" है। मेरा आप सभी साथियों से निवेदन है कि अगर इस आईड़ी से आप लोगों को कोई मेल या स्क्रेप आये तो प्लीज़ मुझे ज़रुर बता दें। इस सम्बन्ध मे मैने दिल्ली और यू.पी. साइबर क्राइम सैल मे मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरु कर दी है। पुलिस के मुताबिक जिस सिस्टम से ये काम किया गया है वो नोयड़ा मे इस्तेमाल हो रहा है। बहारहाल आप सभी से सहयोग की अपील है और अनुरोध है कि इस तरह का काम करने वालों को सबक ज़रुर सिखाया जाये। उम्मीद है आप सभी लोग इस पर ध्यान देगें।
आपका...
परवेज़ सागर
Thursday, May 29, 2008
कारवां जारी रहे.....
बहुत दिनों से कुछ लिख नही पाया लेकिन लगातार पढता ज़रुर रहा। कुछ साथियों ने फोन पर कहा कि आजकल रंगकर्मी पर रंगकर्मी ही नही दिख रहे हैं। खैर ये साथियों का प्यार है जो हमेशा प्रेरणा बनता है। दरअसल लम्बे समय बाद घर वालों के लिये कुछ वक्त निकालने की कोशिश कर रहा था। इस बीच देखकर प्रसन्नता हुई कि आशा जी, कीर्ति, प्रमोद जी और स्मृति समेत कई साथी लगातार लिखते रहे जिसके लिये मैं उनका आभार व्यक्त करना चाहता हूँ साथ ही इतने दिनों तक ना लिख पाने के लिये क्षमा भी चाहता हूँ। और आभार उन लोगों का भी जिन्होने फोन पर हमारे हाल-चाल लिये। खैर आप लोगों की मेहनत का ही नतीजा है कि रंगकर्मी की सदस्यता के लिये लगातार ढेरों मेल आ रही है। लोग रंगकर्मी के पसन्द कर रहे है। उम्मीद है ये कारवां यूँ ही आगे बढता रहेगा।
शुभकामनाओं सहित.......
परवेज़ सागर
शुभकामनाओं सहित.......
परवेज़ सागर
Thursday, March 27, 2008
HAPPY WORLD THEATRE DAY
Tuesday, March 4, 2008
Do you know about Global Warming?

But it is not only about how much the Earth is warming, it is also about how fast it is warming. There have always been natural climate changes – Ice Ages and the warm intermediate times between them – but those evolved over periods of 50,000 to 100,000 years
Tuesday, February 19, 2008
IMPORTANT FOR GIRLS & WOMEN

Friday, February 8, 2008
परवेज़ सर बने बेस्ट क्राइम रिर्पोटर ऑफ दि ईयर
आप सभी जानते हैं कि हमारे परवेज़ सागर जी को मीड़िया जगत के प्रतिष्ठित नेशनल मीड़िया एक्सीलेन्स अवार्ड़ के लिये नामित किया गया था। आपको जानकर खुशी होगी कि गुरुवार की शाम फिक्की ऑडीटोरिमय मे आयोजित दूसरे मीड़िया एक्सीलेन्स अवार्ड़ फंक्शन मे परवेज़ सागर सर को क्राइम श्रेणी मे बेस्ट रिर्पोटर ऑफ दि ईयर अवार्ड़ से सम्मानित किया गया। ये पुरुस्कार उन्हे केन्द्रीय मंत्री मंगत राम सिंघल और झारखण्ड़ के मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की उपस्थिति मे राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चन्द कटियार ने प्रदान किया। इस श्रेणी मे देशभर के 39 टीवी पत्रकारों को नामित किया गया था। ये अवार्ड़ परवेज़ सागर सर को 2007 मे आज तक पर दिखाई गयी ज़हरीली सब्ज़ियों वाली सनसनीखेज़ ख़बर के लिये दिया गया। इस ख़बर के प्रसारण के बाद दिल्ली सरकार ने कई लोगों के खिलाफ कार्यवाही की थी। गौरतलब है कि इसी ख़बर के लिये परवेज़ सर को वर्ष 2007 मे ही ईएम बेस्ट रिर्पोटर ऑफ दि ईयर अवार्ड़ से सम्मानित किया जा चुका है। दस वर्षों से पत्रकारिता कर रहे परवेज़ सागर जी इससे पहले भी अपनी कई ख़बरों के लिये सुर्खियों मे बने रहें। जिसमें ताज कॉरिड़ोर, आगरा-अलीगढ के दंगे, मथुरा मे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्तेदार की ट्रेन से फेंककर हत्या और उत्तर प्रदेश के लखनऊ विकास प्राधिकरण का भूमि आवन्टन घोटाला जैसी कई बड़ी ख़बरें शामिल है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके सिखाये गये छात्र ही नही बल्कि उनके साथ काम कर चुके और काम कर रहे सभी लोगों मे गौरव की अनुभूति है। देशभर के सभी पत्रकारों और रंगकर्मीयों की और से परवेज़ सर को हार्दिक बधाई....... हम सभी उनके उज्जवल भविष्य की कामना करतें है।
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